किसी भी कार्य को करने से पहले परमेश्वर की इच्छा को जानना

  1. 👉क्या आपका कोई भी काम पुरा होने से पहले  बिगड़ जाता है?


2. 👉क्या आप जिस काम में भी हाथ लगाते हो तो उसमें सफ़लता नही मिलती?

3. 👉क्या आपके कामों में बाधाएं आती है?

4. 👉क्या आप मेहनत करते हुए भी आपको निराशा ही हाथ लगती हैं?

5. 👉क्या आपके पढ़ने के बाद भी पढाई में परिमाणाम अच्छे नही आते?

6. 👉क्या आपके दफ़्तर में, कम्पनी में, घर में, व्यपार में, प्रितियोगिता में, सहभागिता में हर जगह अपने तरफ़ से इमानदार होते हुए भी गलत ठहराये जाते हो?

7. 👉क्या आपके व्यवाहिक जीवन में सब उथल-पुथल हो रहा है?

8.
👉क्या पति-पत्नी के बीच ताल-मेल सही नही बैठ पा रहे है?

याद रखे मेरे प्रियो, जिसने आपको बनाया है, जिसने आपको आपके माता के गर्भ में रखा(रचा)  आपके जीवन में सबसे पहला अधिकार उसी उसी  जीवनदाता #परमेश्वर का है.
लेकिन? इंसान अक्सर इस एहसान को भूलकर संसार की मोहमाया फ़स जाता है और उस परमेश्वर को भूल जाता है, अपनी इच्छा के अनुसार हर कदम को बढ़ता है कि उसे सफ़लता मिलेगी लेकिन ऐसा हो नही पाता है, और तब जब वो हाताश या निराश हो जाता है तब उसे परमेश्वर याद आता है, फ़िर वो अपनी गलती नही पर परमेश्वर से ही शिकायत करता है कि मेरे ही साथ ऐसा क्यों होने दिया या होता है...शिकायते शर्ते तो बहुत होती है हम इंसान के पास....पर कोई भी उस परमेश्वर को जानने वाला नही होता है..

क्युन्कि इंसान जो कुछ भी इस सन्सार में करता है या करना चाहता है वो अपने ही स्वार्थ के लिये ही करता है.....

जिस काम में परमेश्वर की इच्छा हो,
 जो काम परमेश्वर के अधीनता में हो
जो काम परमेश्वर से पुछ कर किया जाये तो क्या वो परमेश्वर आपको और हमको निराश और हताश छोड़ेंगा? कभी नही.....

परमेश्वर का अब भी वो ही वादा है कि "हे सब परिश्रम करने वाले और बोझ से दबे हुए लोगों मेरे मेरे पास आओ मैं तुम्हें शान्ति और विश्राम दूँगा"......

वो पुकार रहा है उसकी सुनो.....भले ही आपके पास कुछ हो ना हो पर जिसके साथ परमेश्वर है उसका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता है.....

परमेश्वर की इच्छा को पुरी करो......
परमेश्वर के चलाये चलो.....
परमेश्वर की अधीनता मे खो जओ....
परमेश्वर के प्रेम से भर जओ....
परमेश्वर का स्वभाव आपके  जीवन के द्वारा लोगों तक पहुचे और  उसके लिए #उद्धार का कारण ठहरे..................


ANAND
jamshedpur

parmeshwarpremhai123.blogspot.com

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रसाद खाने और रक्षाबंधन के विषय में

मनुष्य खुद की अभिलाषा में फ़सकर पाप करता है

पति और पत्नी