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एक अच्छा पात्र बनना

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"जय मसीह की" मेरे प्रिय भाई-बहनो मैं आपके सामने एक और विषय पे  बात करने जा रहा हूँ 👉मसीह में एक अच्छा पात्र बनना मेरे प्रियो हम परमेश्वर से क्या चाहते हैं??? 60%- लोग परमेश्वर से कहते हैं मुझे दें(लेने वाले) 30%-लोग कहते हैं परमेश्वर मेरा इस्तेमाल कर. 10% -लोग कहते हैं परमेश्वर मुझे बना कि मैं काम आऊ. याद रखिये मेरे प्रियो परमेश्वर पहले बनाता है कि इस्तेमाल किया जाये या इस्तेमाल में लाया जाये परमेश्वर ने हमें चुना है कि हम परमेश्वर के लिये इस्तेमाल किये जाये, जैसे एक कुम्हार पात्र बनाने से पहले मिट्टी को चुनता है, वैसे ही परमेश्वर ने भी हमें इस्तेमाल करने  से पहले हमें बुलाया गया है कि हम चुने जाये जैसे कुम्हार मिट्टी को गुथा/साना करता है उसे दबता है कि वो नरम बन जन जाये ताकि उसे जिस आकार में ढाले उस आकार में वो धलता जाये ठिक वैसे ही परमेश्वर भी हमें पहले नम्र, दीन, दयालु, बुराई को अलग कर हमारे अंदर प्रेम को उत्पन्न करता है कि हम हर परिस्थिति में ढल सके.... जैसे. कुम्हार पात्र बनाते समय आकार दिया करता है वैसे ही परमेश्वर भी हमें उसी प्रकार बनाता है अपनी...

परमेश्वर का वचन(बाइबल) जो अब बदलती जा रही है

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जय मसीह की मेरे प्रिय भाई-बहन मैं आज आपके सामने कुछ खास विषय पर बात करने वाला हूं 👉परमेश्वर का वचन(बाइबल) हम तक पहुँची🤔?? कैसे मैं जानता हूँ कि बहुत से लोग इस बात को जानते हैं फ़िर भी मैं आपको इसके बारे में कुछ बातों को बताता चाहता हूँ अगर हम उत्पत्ति की किताब से पढना शुरू करते हैं तो पाते हैं कि परमेश्वर द्वारा संसार की सृष्टि  और कैसे मनुष्य का पापी होना और जल-प्रलय और अनेक प्रकार की भाषा और जाती बनी इसका वर्णन और अब्राहम के वंशजों को पाते हैं अगर हम नज़र डाले उत्पत्ति की किताब से तो पाते हैं कि परमेश्वर का वचन (व्यवस्था,नियम, आग्या), और वाचा को परमेश्वर द्वारा लोगों तक मौखिक रूप में दिया जाता था उन दिनों लिखने का चलन अस्थित्व में नहीं आया था... और जब निर्गमन की किताब में आते हैं तो पाते हैं कि परमेश्वर कैसे मुसा का इस्तेमाल किया अपने लोगों को मिस्र की गुलामी से निकाल लाया और मैं ऐसा मानता हूं कि मुसा के समय में लिखने का प्रचलन आ चुका था और परमेश्वर ने अपनी बातों को लिखित रूप में बदला और मुसा द्वारा पन्चग्रंथ  जिसे इब्रानी भाषा में तोराह(व्यवस्था) कहते हैं जिसम...

नूह के दिनों का जल-प्रलय और अंत के दिनों में होने वाली घटना जो बाइबल हमें पहले से बताया करती है

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जय मसीह की आज मैं आपके सामने संसार की उत्पत्ति और कुछ घटना को देखेंगे जो परमेश्वर द्वारा की गई थी और होने वाली है.. ये आपको पता ही होगा की परमेश्वर ने दुसरे दिन क्या किया ?🤔 उत्पत्ति 1:6‭-‬8 फिर परमेश्‍वर ने कहा*, "जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।" तब परमेश्‍वर ने एक अन्तर करके उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग-अलग किया; और वैसा ही हो गया। और परमेश्‍वर ने उस अन्तर को आकाश कहा। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार दूसरा दिन हो गया। जैसा कि हम जानते हैं कि परमेश्वर ने जल को दो भाग किया जिसमे निचे के जल से उपर के जल में अंतर कर अलग किया, लेकिन उपर का जल गया कहा जिसे परमेश्वर ने आकाश कहा🤔🤔🤔🤔 मैं आपको बताना चाहता हूँ कि जिस जल को परमेश्वर ने आकाश कहा था वो जल वायुमण्डल मे रह गया, जिसने तरह-तरह के गैस पाये जाते हैं, मतलब वो हवा में रह गया, और परमेश्वर ने इसका इस्तेमाल नुह के दिनों में किया. अगर हम नज़र डाले उत्पत्ति 2:5 वचन में तो वहाँ इस प्रकार लिखा है तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोव...