बनावटी मसीही

*सिधी बात*
कुछ लोग मसीहत को इसलिए अपनाते है कि उन्हे ये सब चिज़े चाहिए होती है....
अगर इन्हे ये सब चिज़े मिलना बन्द हो जाये ये तुरंत ही मसीहत को #ठूकरा देंगे....और ये वापस वहा चले जाएंगे जहाँ से ये आये हैं.....और फ़िर ये ही अपने लोगों के साथ #मिलकर मसीहत को #बदनाम करेंगे.....जरा आप ही सोचिये जब ये मसीहीयो पर उंगलियां उठाने लगते हैं तो आपने सोचा है कभी कि इन्हे बाइबल का इतना #ग्यान कहाँ से मिला, जो मसीह के #विरोध में पोस्ट को डालते है....अगर सच में मसीहत को कोई अपनाता है तो चाहे कुछ भी हो जाये...वो कभी अपने मसीहत से इंकार नही करेगा.....
अपने समाज में ऐसे लोगों को पहचाने जो मसीही भेष मे #भेड़ीये है...जो कभी भी अपना असली #रंग दिखा सकते हैं.....

बुरा ना माने मेरी बातों का, मैं सिर्फ़ उन #नामधराई मसीहीयो की बात कर रहा हूँ जो ऐसा करते हैं....

क्योंकि ऐसे बहुत से सुविधायें है जिससे बहुत से मसीही वन्छित रह जाते हैं....लेकिन सत्य में मसीह को अपनाना मतलब संसारिक #अभिलाषाओ से अपने आप को दूर रखना होता है...अगर कोई इन सब की #लालसा रख कर मसीह मे आता है तो तो उन्हे परमेश्वर से कुछ नहीं मिलता...क्योंकि वे मसीह के लिए नही अपने लिए आते हैं...जब उन्हे कोई फ़ाय्दा नही दिखता है तो...वो वापस अपने जगह जाकर मसीहीयो पर अपना #भाड़ास ऐसे निकाला करते हैं...
parmeshwarpremhai123.blogspot.com

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