प्रसाद खाने और रक्षाबंधन के विषय में
जय मसीह की मेरे प्रिय भाई-बहन जब कोई अन्य आस्था से जुड़ा व्यक्ति जब आपको प्रसाद दे खाने को तो आप क्या करते हो? आपकी प्राकिक्रिया क्या होती हैं उस समय? कुछ भाई बहन तो साफ़ इंकार कर देते हैं इसे हम नहीं ले सकते हैं, कि हमारा विश्वास इन सब में नहीं है, और कुछ भाई बहन ये सोचकर ले लेते है कि हम इसे प्रसाद के रूप में नहीं खाते इसे हम मीठाई या खाने की वस्तु के रूप में खाते है, या अपने पडोसी मित्र, से उसका दिल रखने के लिये ले लेते है की वो बुरा मान जायेगा, ऐसा सोच अक्सर देखा जाता है हम मनुष्यो में और ये सोच रखते हैं कि हम अपने पडोसी से प्रेम रकते है, पर ये गलत है, वचन कहता है- अत: मूर्तियों के सामने बलि की हुई वस्तुओं के खाने के विषय में - हम जानते हैं कि मूर्ति जगत में कोई वस्तु नहीं, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं। यद्यपि आकाश में और पृथ्वी पर बहुत से ईश्वर कहलाते हैं - जैसा कि बहुत से ईश्वर और बहुत से प्रभु हैं - 1 कुरिन्थियों 8:4-5 तौभी हमारे लिये तो एक ही परमेश्वर है : अर्थात् पिता जिसकी ओर से सब वस्तुएँ हैं, और हम उसी के लिये हैं। और एक ही प्रभु है, अर्थात् यीशु ...

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